कुरान - 37:179 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

179
وَأَبۡصِرۡ فَسَوۡفَ يُبۡصِرُونَ

Transliteration: (Wa absir fasawfa yubsiroon)

और देखते रहिए, तो अब अनक़रीब वे देख लेंगे [175]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 179 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 179

"और देखते रहिए, तो अब अनक़रीब वे देख लेंगे [175]!"

[175] क़रीबी अंजाम की ताकीद

हुज़ूर ﷺ को दोबारा तसल्ली दी गई कि आप सब्र फ़रमाएं। बहुत जल्द वह वक़्त आने वाला है जब वे हक़ीक़त को अपनी आँखों से देख लेंगे—या तो मोमिनीन के हाथों ज़िल्लत व शिकस्त देखकर या गै़बी अज़ाब का शिकार होकर।

यह हुक्म भी जिहाद की आयतों के नाज़िल होने से पहले सब्र की ताकीद के लिए था।

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