Transliteration: (Wa absir fasawfa yubsiroon)
"और देखते रहिए, तो अब अनक़रीब वे देख लेंगे [175]!"
हुज़ूर ﷺ को दोबारा तसल्ली दी गई कि आप सब्र फ़रमाएं। बहुत जल्द वह वक़्त आने वाला है जब वे हक़ीक़त को अपनी आँखों से देख लेंगे—या तो मोमिनीन के हाथों ज़िल्लत व शिकस्त देखकर या गै़बी अज़ाब का शिकार होकर।
यह हुक्म भी जिहाद की आयतों के नाज़िल होने से पहले सब्र की ताकीद के लिए था।
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