कुरान - 37:2 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
فَٱلزَّـٰجِرَٰتِ زَجۡرٗا

Transliteration: (Fazzaajiraati zajraa)

फिर उनकी जो (बादलों को) ज़ोर से डांट कर हांकते हैं [2]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 2

"फिर उनकी जो ज़ोर से डांट कर हांकते हैं [2];"

[2] बादलों को हांकने पर मामूर फ़रिश्ते

इससे मुराद हज़रत मीकाईल (अलैहिस्सलाम) और उनके ताबे वे फ़रिश्ते हैं जो बादलों को अल्लाह के हुक्म से हांकते हैं और जहाँ बारिश बरसाने का हुक्म होता है, वहाँ बिजली और गरज के साथ उन्हें ले जाते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now