कुरान - 26:2 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ

Transliteration: (Tilka Aayaatul Kitaabil Mubeen)

ये (हक़ को) बिल्कुल साफ़-साफ़ बयान करने वाली किताब की आयतें हैं [2]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 2

"ये (हक़ को) बिल्कुल साफ़-साफ़ बयान करने वाली किताब की आयतें हैं [2]।"

[2] 'किताब-ए-मुबीन' यानी क़ुरआन-ए-अज़ीम की रौशन हिदायत

क़ुरआन-ए-पाक 'किताब-ए-मुबीन' है यानी वह खुद भी पूरी तरह वाज़ेह, रौशन और मोजिज़ है, और हलाल व हराम, हक़ व बातिल, पिछले अंबिया के वाक़िआत और आख़िरत के अहवाल को भी बिल्कुल साफ़-साफ़ बयान करने वाली किताब है। इसमें किसी शक व शुबहे की कोई गुंजाइश नहीं।

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