Transliteration: (Wa maaa asaabakum min museebatin fabimaa kasabat aydeekum wa ya'foo 'an kaseer)
और तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जो कोई मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ पहà¥à¤‚चती है [91], वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ ही हाथों की कमाई (गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚) की वजह से है [92]; और वह बहà¥à¤¤ से (गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚) को तो मà¥à¤†à¤«à¤¼ फ़रमा देता है।
यह आयत आम मà¥à¤•लà¥à¤²à¤«à¤¼ इंसानों के बारे में है। आरà¥à¤¯à¤¾ समाजियों ने à¤à¤¤à¤°à¤¾à¤œà¤¼ किया था कि अगर मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ की वजह से आती है तो मासूम बचà¥à¤šà¥‡ और जानवर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बीमार होते हैं! यह उनका बेजा शà¥à¤¬à¤¹à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मासूम बचà¥à¤šà¥‡ और अंबिया-à¤-किराम इस आयत के ख़िताब में दाखिल नहीं हैं। अंबिया पर तकलीफ़ उनके दरà¥à¤œà¤¾à¤¤ की बà¥à¤²à¤‚दी के लिठहोती है, मासूमों पर आज़माइश वालिदैन के इमà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¨ और अजà¥à¤° के लिठहोती है।
आम इंसानों पर जो परेशानियां आती हैं वे अकà¥à¤¸à¤° उनके अपने गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚, ग़फ़लतों और नाफ़रमानियों का नतीजा होती हैं। अगर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला हर गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ पर पकड़ फ़रमाता तो कोई बच न पाता, मगर वह बहà¥à¤¤ से गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ को अपने करम से मà¥à¤†à¤«à¤¼ फ़रमा देता है।
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