कुरान - 42:32 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
وَمِنۡ ءَايَٰتِهِ ٱلۡجَوَارِ فِي ٱلۡبَحۡرِ كَٱلۡأَعۡلَٰمِ

Transliteration: (Wa min Aayaatihil ja waarifil bahri kal a'lam)

और उसकी निशानियों में से समंदर में पहाड़ों जैसे तैरने वाले जहाज़ हैं [95]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 32

और उसकी निशानियों में से समंदर में पहाड़ों जैसे तैरने वाले जहाज़ हैं [95];

[95] समंदर में तैरते हुए अज़ीम जहाज़

समंदर के सीने पर पहाड़ों जैसे बड़े-बड़े जहाज़ों और कश्तियों का तैरना और हज़ारों टन वज़न के बावजूद न डूबना अल्लाह तआला की क़ुदरत और उसके क़वानीने फ़ितरत का अज़ीम मोजिज़ा है। यह इंसानी तिजारत, सफ़र और नेअमतों की मुंतक़िली का ज़रिया है।

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