कुरान - 42:34 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
أَوۡ يُوبِقۡهُنَّ بِمَا كَسَبُواْ وَيَعۡفُ عَن كَثِيرٖ

Transliteration: (Aw yoobiqhunna bimaa kasaboo wa ya'fu 'an kaseer)

या उन्हें उनके गुनाहों की पादाश में (तूफ़ान से) तबाह कर दे; और वह बहुत से (गुनाहों) को मुआफ़ फ़रमा देता है [98]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 34

या उन्हें उनके गुनाहों की पादाश में (तूफ़ान से) तबाह कर दे; और वह बहुत से (गुनाहों) को मुआफ़ फ़रमा देता है [98]!

[98] हलाक करने पर क़ादिर मगर दरगुज़र फ़रमाने वाला

अगर अल्लाह चाहे तो समंदर में सख़्त तूफ़ानी हवाएं चला कर जहाज़ों को ग़र्क़ कर दे जैसा कि पिछली सरकश क़ौमों के साथ हुआ, मगर वह अपने लुत्फ़ व करम से गुनाहगारों को मोहल्लत देता है और अक्सर ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाता है।

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