Transliteration: (Wallazeena yajtaniboona kabaaa'iral ismi wal fawaahisha wa izaa maa ghadiboo hum yaghfiroon)
और जो लोग कबीरा (बड़े) गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ [105] और बेहयाई के कामों से बचते हैं [106], और जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ग़à¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आता है तो वे मà¥à¤†à¤«à¤¼ कर देते हैं [107];
कबीरा गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ वे हैं जिन पर शरीअत में हद मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤° है या आख़िरत में सख़à¥à¤¤ अज़ाब की वईद आई है (जैसे शिरà¥à¤•, क़तà¥à¤², सूद, ज़िना, वालिदैन की नाफ़रमानी वग़ैरा)। मोमिन इनसे पूरी तरह बचते हैं।
फ़वाहिशॠउन गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ को कहते हैं जिनकी बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ अक़à¥à¤² और हर मज़हब में मà¥à¤¸à¤²à¥à¤²à¤®à¤¾ है, जैसे बेहयाई, बदकारी और बदचलनी।
मोमिन अपने ज़ाती मामलात में ग़à¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ पी जाते हैं और बदला लेने की ताक़त रखने के बावजूद मà¥à¤†à¤«à¤¼ कर देते हैं। अलबतà¥à¤¤à¤¾ शरीअत और दीन के मà¥à¤†à¤®à¥à¤²à¤¾à¤¤ में हà¥à¤¦à¥‚दà¥à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹ का क़ियाम वाजिब है।
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