कुरान - 9:119 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

119
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَكُونُواْ مَعَ ٱلصَّـٰدِقِينَ,

Transliteration: (Yaaa aiyuhal lazeena aamanut taqul laaha wa koonoo ma'as saadiqeen)

ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो और सच्चों के साथ रहो [335]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 119 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 119 की तफ़्सीर

✅ [335] सच्चों के साथ रहने का हुक्म

यह आयत बताती है कि जहाँ कहीं भी अल्लाह के नेक लोग मौजूद हों, वही गिरोह हक़ की राह पर है, क्योंकि वह सच्चों का गिरोह है। सिर्फ़ वही शाख़ फल और फूल देती है जो जड़ से जुड़ी रहती है। यह गिरोह अहले सुन्नत वल जमात है।

बनी इसराइल में अल्लाह के हज़ारों नेक लोग पैदा हुए, मगर जब उनका दीन मनसूख़ हो गया, तो उनमें वलायत ख़त्म हो गई। इसलिए सच्चों के साथ रहो, और उस गिरोह की सोहबत में रहो जहाँ सच्चाई मौजूद है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now