कुरान - 9:21 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
يُبَشِّرُهُمۡ رَبُّهُم بِرَحۡمَةٖ مِّنۡهُ وَرِضۡوَٰنٖ وَجَنَّـٰتٖ لَّهُمۡ فِيهَا نَعِيمٞ مُّقِيمٌ,

Transliteration: (Yubashshiruhum Rabbuhum birahmatim minhu wa ridwaaninw wa Jannaatil lahum feehaa na'eemum muqeem)

उनका रब उन्हें अपनी रहमत की, अपनी रज़ा की और उन (जन्नतों) की ख़ुशख़बरी देता है [46] जिनमें उनके लिए हमेशा रहने वाली नेमतें हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 21 की तफ़्सीर

✅ [46] अल्लाही ख़ुशख़बरी

अल्लाह उन्हें तीन चीज़ों की ख़ुशख़बरी देता है:

  • अपनी रहमत की,
  • अपनी रज़ा की,
  • और ऐसी हमेशा रहने वाली जन्नत की जिसमें उनके लिए दाइमी नेमतें हैं।

इस तरह अल्लाह उनके ईमान और क़ुर्बानी का इनाम सबसे बुलंद इज़्ज़तों के साथ देता है।

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