Transliteration: (Khaalideena feehaaa abadaa; innal laaha 'indahooo ajrun 'azeem)
यह आयत इस बात की तस्दीक़ करती है कि मोमिन — ख़ास तौर पर मुहाजिर — हमेशा के लिए जन्नत में रहेंगे।
उनमें से कुछ लोग, जैसे अशरा-ए-मुबश्शरा (जिन दस सहाबा को जन्नत की ख़ुशख़बरी दी गई), साफ़ तौर पर जन्नत के बाशिंदे बताए गए हैं।
उनके ईमान और नेकी से इनकार करना, अल्लाह के इस साफ़ वादे — बड़े सवाब — को ठुकराना है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat