कुरान - 9:22 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًاۚ إِنَّ ٱللَّهَ عِندَهُۥٓ أَجۡرٌ عَظِيمٞ,

Transliteration: (Khaalideena feehaaa abadaa; innal laaha 'indahooo ajrun 'azeem)

वे उसमें हमेशा रहेंगे। बेशक अल्लाह के पास बड़ा सवाब है [47]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 22 की तफ़्सीर

✅ [47] हमेशा का ठिकाना और बड़ा सवाब

यह आयत इस बात की तस्दीक़ करती है कि मोमिन — ख़ास तौर पर मुहाजिर — हमेशा के लिए जन्नत में रहेंगे।

उनमें से कुछ लोग, जैसे अशरा-ए-मुबश्शरा (जिन दस सहाबा को जन्नत की ख़ुशख़बरी दी गई), साफ़ तौर पर जन्नत के बाशिंदे बताए गए हैं।

उनके ईमान और नेकी से इनकार करना, अल्लाह के इस साफ़ वादे — बड़े सवाब — को ठुकराना है।

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