कुरान - 9:25 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
لَقَدۡ نَصَرَكُمُ ٱللَّهُ فِي مَوَاطِنَ كَثِيرَةٖ وَيَوۡمَ حُنَيۡنٍ إِذۡ أَعۡجَبَتۡكُمۡ كَثۡرَتُكُمۡ فَلَمۡ تُغۡنِ عَنكُمۡ شَيۡـٔٗا وَضَاقَتۡ عَلَيۡكُمُ ٱلۡأَرۡضُ بِمَا رَحُبَتۡ ثُمَّ وَلَّيۡتُم مُّدۡبِرِينَ,

Transliteration: (Laqad nasarakumul laahu fee mawaatina kaseeratinw wa yawma Hunainin iz a'jabatkum kasratukum falam tughni 'ankum shai'anw wa daaqat 'alaikumul ardu bimaa rahubat summa wallaitum mudbireen)

बेशक अल्लाह ने बहुत-सी जगहों पर तुम्हारी मदद [55] की और हुनैन के दिन (भी), जब तुम्हारी कसरत ने तुम्हें भड़काया था, मगर वह तुम्हारे किसी काम न आई, और ज़मीन अपनी वुसअत के बावजूद तुम पर तंग [56] हो गई। फिर तुम पीठ फेरकर भाग [57] गए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 25 की तफ़्सीर

✅ [55] कई जंगों में अल्लाही मदद

अल्लाह की मदद कई अहम जंगों में ज़ाहिर हुई, जिनमें बद्र, ख़ैबर, हुदैबिया की सुलह, मक्का की फतह और बनी क़ुरैज़ा व बनी नज़ीर से मुक़ाबले शामिल हैं। इन नाज़ुक लम्हों में मुसलमानों की कामयाबी का बुनियादी सबब यही अल्लाही मदद थी।

✅ [56] ग़ज़वा-ए-हुनैन: पृष्ठभूमि और वाक़यात

ग़ज़वा-ए-हुनैन मक्का की फतह के बाद हुनैन, ताइफ़ और मक्का मुअज़्ज़मा के बीच के जंगल में हुआ।

मुस्लिम फ़ौज तक़रीबन बारह हज़ार सैनिकों पर मुश्तमिल थी, जबकि मुख़ालिफ़ क़बीले हवाज़िन और सक़ीफ़ तक़रीबन चार हज़ार थे।

अपनी तादादी बरतरी पर भरोसा करके मुसलमानों ने पहले बढ़त हासिल की और ग़नीमत इकट्ठा करने लगे।

लेकिन अल्लाह ने उनके इस ग़रूर भरे रवैये को पसंद नहीं फ़रमाया। दुश्मन ने दोबारा सँभलकर तीरों से सख़्त हमला किया, जिससे मुसलमानों में भगदड़ और ख़ौफ़ फैल गया।

नतीजा यह हुआ कि बहुत से मुसलमान मैदान से भाग गए — पहले के भरोसे के बावजूद इंसानी कमज़ोरी सामने आई। सिर्फ़ हज़रत अब्बास और हज़रत अबू सुफ़ियान (रज़ि.) नबी ﷺ के साथ डटे रहे।

✅ [57] "ज़मीन तंग हो गई" का मतलब

"ज़मीन तंग हो गई" का मतलब है कि मैदाने-जंग जिस्मानी तौर पर वसीअ होने के बावजूद, ख़ौफ़ और अफ़रातफ़री की वजह से मुसलमानों को तंग और मुंक़बिज़ लगा, यहाँ तक कि उनके लिए डटे रहना नामुमकिन हो गया।

यह तस्वीर मुसलमानों की शुरुआती पस्ती और उनके लम्हाती इनहिसार की शिद्दत को उजागर करती है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now