कुरान - 9:30 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
وَقَالَتِ ٱلۡيَهُودُ عُزَيۡرٌ ٱبۡنُ ٱللَّهِ وَقَالَتِ ٱلنَّصَٰرَى ٱلۡمَسِيحُ ٱبۡنُ ٱللَّهِۖ ذَٰلِكَ قَوۡلُهُم بِأَفۡوَٰهِهِمۡۖ يُضَٰهِـُٔونَ قَوۡلَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن قَبۡلُۚ قَٰتَلَهُمُ ٱللَّهُۖ أَنَّىٰ يُؤۡفَكُونَ,

Transliteration: (Wa qaalatil yahoodu 'Uzairunib nul laahi wa qaalatin Nasaaral Maseehub nul laahi zaalika qawluhum bi afwaahihim yudaahi'oona qawlal lazeena kafaroo min qabl; qatalahumul laah; annaa yu'fakoon)

और यहूद कहते हैं कि उज़ैर [71] अल्लाह का बेटा है, और ईसाई कहते हैं कि मसीह (ईसा) अल्लाह का बेटा है। ये उनके मुँह की बातें हैं [72]। वे उन लोगों की बातों की नक़ल करते हैं जो उनसे पहले काफ़िर हो चुके हैं [73]। अल्लाह उन्हें हलाक करे [74], वे कहाँ भटकाए जा रहे हैं! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 30 की तफ़्सीर

✅ [71] शान-ए-नुज़ूल

यह आयत उन यहूदियों के जवाब में नाज़िल हुई जिन्होंने नबी करीम ﷺ से क़िबले के तब्दील होने और उज़ैर को अल्लाह का बेटा मानने के बारे में सवाल किया था। आयत इन दावों की तर्दीद करती है और इस्लामी मौक़िफ़ साफ़ करती है।

✅ [72] उनके दावों की हकीकत

उनके दावे बेबुनियाद हैं और उनके पास कोई दलील नहीं — ये सिर्फ़ मुँह की बातें हैं, बग़ैर सबूत के। यह सच्चे ईमान के बजाय नक़ल है।

✅ [73] पहले काफ़िरों की नक़ल

अहले-किताब उन मुशरिकों की बात दोहरा रहे हैं जो फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे। यानी इनके ग़लत आक़ीदे मिलते-जुलते हैं, हालाँकि उनका तौहीद पर ज़ोर उन्हें अलग रखता है।

✅ [74] लानत का मतलब

"अल्लाह उन्हें लानत करे" का मतलब सख़्त मज़म्मत है, कोई हर्फ़ी लानत नहीं — यह उनके ग़लत आक़ीदों की शिद्दत को ज़ाहिर करता है।

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