कुरान - 9:31 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

31
ٱتَّخَذُوٓاْ أَحۡبَارَهُمۡ وَرُهۡبَٰنَهُمۡ أَرۡبَابٗا مِّن دُونِ ٱللَّهِ وَٱلۡمَسِيحَ ٱبۡنَ مَرۡيَمَ وَمَآ أُمِرُوٓاْ إِلَّا لِيَعۡبُدُوٓاْ إِلَٰهٗا وَٰحِدٗاۖ لَّآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۚ سُبۡحَٰنَهُۥ عَمَّا يُشۡرِكُونَ,

Transliteration: (ittakhazooo ahbaarahum wa ruhbaanahum arbaabammin doonil laahi wal Maseehab na Maryama wa maaa umirooo illaa liya'budooo Ilaahanw Waa hidan laaa ilaaha illaa Hoo; Subhaanahoo 'ammaa yushrikoon)

उन्होंने अल्लाह के सिवा अपने दानिशवरों और दरवेशों को रब [75] बना लिया और मरयम के बेटे मसीह को भी [76], हालाँकि उन्हें यही हुक्म दिया गया था कि वे एक माबूद की इबादत करें। उसके सिवा कोई माबूद नहीं [77]। वह पाक है उनके शिर्क से [78]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 31 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 31 की तफ़्सीर

✅ [75] इताअत और इबादत में फ़र्क़

यह सिखाता है कि जो शख़्स किसी की इताअत उस तरह करे जिस तरह अल्लाह और उसके नबी ﷺ की की जाती है, तो यह उस शख़्स को ख़ुदा का दर्जा देने के बराबर है। नेक उलमा, औलिया और नेक लोगों की सच्ची इताअत हालाँकि दीनी तालीमात और नबी ﷺ की इताअत के मुताबिक़ ही होती है।

अल्लाह फ़रमाता है: "अल्लाह की इताअत करो और रसूल की इताअत करो और उन लोगों की जो तुममें से हुक्म रखते हैं" (सूरा अन-निसा 4:59)।

ईसाई और यहूदी अपने दानिशवरों की अल्लाह के ख़िलाफ़ इताअत करते थे और उन्हीं के ज़रिए माफ़ी माँगते थे। इसलिए "अल्लाह के सिवा" का जुमला इस बात पर ज़ोर देता है कि मुसलमान औलिया या दीनी रहनुमाओं के बारे में ऐसे आक़ीदे नहीं रखते।

✅ [76] हज़रत ईसा (अलै.) को ख़ुदा बनाना

उन्होंने हज़रत ईसा (अलै.) को अल्लाह का बेटा क़रार देकर ख़ुदा बना लिया, जिससे यह मतलब निकलता है कि वे बाप के साथ एक ही उलूहियत (दिव्य सिफ़त) में शरीक हैं — यह आक़ीदा इस्लाम में मर्दूद है।

✅ [77] एक अल्लाह की इबादत का हुक्म

अहले-किताब को तौरात और इंजील में भी यही हुक्म दिया गया था कि वे सिर्फ़ एक सच्चे अल्लाह की इबादत करें।

✅ [78] अहले-किताब का शिर्क

अहले-किताब के बारे में अलग अहकाम होने के बावजूद, अल्लाह के साथ शिर्क करने की वजह से उन्हें यहाँ मुशरिक क़रार दिया गया है।

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