Transliteration: (Yawma yuhmaa 'alaihaa fee naari jahannama fatukwaa bihaa jibaahuhum wa junoobuhum wa zuhooruhum haazaa maa kanaztum li anfusikum fazooqoo maa kuntum taknizoon)
ये ख़ज़ाने जहन्नम की आग में इस क़दर तपाए जाएँगे कि वे सफ़ेद हो जाएँगे। (ख़ज़ाइन)
मालदार बुख़ील लोग ग़रीबों को देखकर माथा टेढ़ा करते थे, फिर उनसे मुँह फेरकर पीठ दिखाते थे। इसलिए तीनों उज़्व — पेशानी, पहलू और पीठ — दाग़े जाएँगे।
हम सीखते हैं कि अल्लाह की राह के लिए रखा हुआ माल बुरा नहीं माना जाता। अमानत में रखा हुआ माल भी ज़कात से पाक होता है, चाहे वह हज़ारों की तादाद में ही क्यों न हो।
अपने लिए जमा करने में वह माल भी शामिल है जो इंसान अपने बच्चों, रिश्तेदारों आदि के लिए इकट्ठा करता है, जब उसका मक़सद अल्लाह की रज़ा हासिल करना न हो।
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