कुरान - 9:39 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
إِلَّا تَنفِرُواْ يُعَذِّبۡكُمۡ عَذَابًا أَلِيمٗا وَيَسۡتَبۡدِلۡ قَوۡمًا غَيۡرَكُمۡ وَلَا تَضُرُّوهُ شَيۡـٔٗاۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ,

Transliteration: (Illaa tanfiroo yu'az zibkum 'azaaban aleemanw wa yastabdil qawman ghairakum wa laa tadurroohu shai'aa; wal laahu 'alaa kulli shai'in Qadeer)

अगर तुम नहीं निकलोगे, तो अल्लाह तुम्हें दर्दनाक अज़ाब देगा [106] और तुम्हारी जगह किसी और क़ौम को लाएगा [107]। और तुम अल्लाह का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। और अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 39 की तफ़्सीर

✅ [106] अज़ाब का मतलब

"अज़ाब" से मुराद यह है कि अल्लाह तुम्हें सख़्त काल और दूसरी आफ़तों से हलाक करेगा। यह दिखाता है कि गुनाह दुनियावी आफ़तों का सबब बनते हैं, जैसे नेक काम रहमत लाते हैं।

✅ [107] दूसरी क़ौम की जगह

नबी करीम ﷺ के वो फ़रमाँबरदार पैरोकार जो दुनिया पर आख़िरत को तरजीह देते हैं — जैसे यमन और फ़ारस के लोग — तुम्हारी जगह लाए जाएँगे।

इससे हम सीखते हैं कि अल्लाह का दीन हम पर मुनहसिर नहीं; बल्कि हम उस पर मुनहसिर हैं। इस्लाम का फैलाव एक जारी सिलसिला है — इस्लाम हमसे पहले भी था और हमारे बाद भी क़ायम रहेगा।

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