Transliteration: (Law kharajoo feekum maa zaadookum illaa Khabaalanw wa la awda'oo khilaalakum yabghoona kumul fitnata wa feekum sammaa'oona lahum; wallaahu 'aleemum biz zaalimeen)
अगर मुनाफ़िक़ जंग में मुसलमानों के साथ शामिल होते, तो वे कोई फ़ायदा नहीं — सिर्फ़ फ़ित्ना और फ़साद लाते।
वे ऐसा करते:
यह दिखाता है कि बुरी नियत से किया गया अच्छा काम भी नुक़सान का सबब बनता है। मिसाल के तौर पर मुनाफ़िक़ का सिर्फ़ जूते चुराने के लिए मस्जिद जाना — बाहरी नेकी और अंदरूनी बुराई का यही तज़ाद दिखाता है।
ये मुनाफ़िक़ मुसलमानों की बातचीत चुपके से सुनकर दुश्मनों तक पहुँचाते थे, यानी जासूसी और सूचना का काम करते थे।
यह आयत सिखाती है:
यह आयत दोहरे मापदंड, कमज़ोर ईमान और छिपे मक़सद वालों पर आँख बंद करके भरोसा करने के ख़तरे से आगाह करती है।
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