कुरान - 9:78 सूरह अत-तौबा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
أَلَمۡ يَعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ سِرَّهُمۡ وَنَجۡوَىٰهُمۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ عَلَّـٰمُ ٱلۡغُيُوبِ,

Transliteration: (Alam ya'lamooo annal laaha ya'lamu sirrahum wa najwaahum wa annal laaha 'Allaamul Ghuyoob)

क्या उन्हें मालूम नहीं कि अल्लाह उनके दिलों का राज़ और उनकी कानाफूसी जानता है? बेशक अल्लाह सब छिपी चीज़ों [215] को जानने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तौबा आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अत-तौबा – आयत 78 की तफ़्सीर

✅ [215] अल्लाह का छिपी चीज़ों का इल्म

यह हमें सिखाता है कि अल्लाह को दिलों के सबसे गहरे राज़ और सबसे आहिस्ता कानाफूसी का भी पूरा इल्म है।

यह यह भी बताता है कि जिसे नबी करीम ﷺ ने रद्द कर दिया, उसे कभी कहीं अमन और सुकून नहीं मिल सकता, क्योंकि अल्लाह का इल्म हर छिपी चीज़ पर हावी है।

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