कुरान - 52:13 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
يَوۡمَ يُدَعُّونَ إِلَىٰ نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّا

Transliteration: (Yawma yuda'-'oona ilaa naari jahannama da'-'aa)

जिस दिन वे धक्के दे-देकर जहन्नम की आग की तरफ़ ढकेले जाएँगे [12]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 13

"जिस दिन वे धक्के दे-देकर जहन्नम की आग की तरफ़ ढकेले जाएँगे [12]!"


[12] जहन्नम की तरफ़ धकेला जाना और मोमिनीन की रियायत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'युदअऊना इला नारि जहन्नमा दअ़्आ' का मंज़र निहायत दर्दनाक है:

  • ज़िल्लत के साथ जहन्नम में फेंकना: क़यामत के दिन अज़ाब के फ़रिश्ते काफ़िरों को उनकी गर्दनों, पेशानियों और पाँवों से जकड़कर गेंद की तरह ज़बरदस्त धक्के देकर आग में झोंकेंगे।
  • गुनाहगार मोमिनीन के साथ रियायत: अहले-ईमान में से जो गुनाहगार जहन्नम में सज़ा पाने जाएँगे, उनके साथ यह ज़िल्लत-आमेज़ और तौहीन-आमेज़ सुलूक हरगिज़ नहीं किया जाएगा। यह सख़्त तरीक़ा सिर्फ़ मुनकिरीन और कुफ़्फ़ार के लिए ख़ास है।
  • अज़ाब की सख़्ती: यह उन लोगों की सज़ा है जिन्होंने दुनिया में हक़ बात को धुतकारा और नबियों की दावत को ठुकराया था।

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