कुरान - 52:14 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
هَٰذِهِ ٱلنَّارُ ٱلَّتِي كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ

Transliteration: (Haazihin naarul latee kuntum bihaa tukazziboon)

(उनसे कहा जाएगा:) "यह वही आग है जिसे तुम झुठलाया करते थे!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 14

"(उनसे कहा जाएगा:) 'यह वही आग है जिसे तुम झुठलाया करते थे!'"


मुनकिरीन को सरज़निश

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जब काफ़िरों को दोज़ख़ में धकेला जाएगा, तो फ़रिश्ते उन्हें मलामत करते हुए फ़रमाएँगे:

  • हसरत और शर्मिंदगी: फ़रिश्ते कहेंगे कि दुनिया में तुम जिस आग और अज़ाब को अफ़साना और झूठ समझते थे, आज अपनी आँखों से देख लो कि वह पूरी तरह सच साबित हुई।
  • हुज्जत तमाम होना: यह सवाल काफ़िरों की हसरत और रूहानी तकलीफ़ को और बढ़ा देगा कि काश उन्होंने अंबिया-ए-किराम की नसीहतों को मान लिया होता।

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