Transliteration: (Faakiheena bimaaa aataahum rabbuhum wa waqaahum rabbuhum 'azaabal jaheem)
"जो कुछ उनके रब ने उन्हें अता फ़रमाया है [17] उस पर शाद व मसरूर होंगे, और उनका रब उन्हें दोज़ख़ के अज़ाब से बचा लेगा [18]।"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत में अहले-ईमान को दोहरी नेअमतें मिलेंगी:
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दोज़ख़ से बचाए जाने वाले दो तरह के लोग हैं:
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