कुरान - 52:22 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
وَأَمۡدَدۡنَٰهُم بِفَٰكِهَةٖ وَلَحۡمٖ مِّمَّا يَشۡتَهُونَ

Transliteration: (Wa amdadnaahum bifaa kihatinw wa lahmim mimmaa yashtahoon)

और हम उन्हें ऐसे फल और गोश्त लगातार अता फ़रमाते रहेंगे जिसकी वे ख़्वाहिश करेंगे [26]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 22

"और हम उन्हें ऐसे फल और गोश्त लगातार अता फ़रमाते रहेंगे जिसकी वे ख़्वाहिश करेंगे [26]!"


[26] जन्नत की मुसलसल और बे-इंतिहा नेअमतें

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'अमददनाहुम' से मुराद नेअमतों का लगातार सिलसिला है:

  • लगातार मदद और इज़ाफ़ा: जन्नत की नेअमतें कभी ख़त्म या कम नहीं होंगी। जब अहले-जन्नत किसी फल या परिंदे के गोश्त की ख़्वाहिश करेंगे, तो वह फ़ौरन उनके सामने हाज़िर हो जाएगा।
  • ताज़गी और लज़्ज़त: एक फल तोड़ने पर उसकी जगह दूसरा उससे भी ज़्यादा लज़ीज़ और ताज़ा फल फ़ौरन उग आएगा। वहाँ किसी चीज़ की किल्लत या मनाही नहीं होगी।

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