Transliteration: (Yatanaaza'oona feehaa kaasal laa laghwun feehaa wa laa taaseem)
"वे वहाँ एक दूसरे से (शराब-ए-तहूर का) ऐसा जाम छीन-छीन कर पिएँगे जिसमें न कोई बेहूदा बात होगी और न कोई गुनाह [27]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत की शराब (शराब-ए-तहूर) दुनिया की शराब की तरह नापाक और अक़्ल खोने वाली नहीं होगी:
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat