कुरान - 52:23 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
يَتَنَٰزَعُونَ فِيهَا كَأۡسٗا لَّا لَغۡوٞ فِيهَا وَلَا تَأۡثِيمٞ

Transliteration: (Yatanaaza'oona feehaa kaasal laa laghwun feehaa wa laa taaseem)

वे वहाँ एक दूसरे से (शराब-ए-तहूर का) ऐसा जाम छीन-छीन कर पिएँगे जिसमें न कोई बेहूदा बात होगी और न कोई गुनाह [27]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 23

"वे वहाँ एक दूसरे से (शराब-ए-तहूर का) ऐसा जाम छीन-छीन कर पिएँगे जिसमें न कोई बेहूदा बात होगी और न कोई गुनाह [27]!"


[27] शराब-ए-तहूर की पाकीज़गी और गुनाहों से नजात

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत की शराब (शराब-ए-तहूर) दुनिया की शराब की तरह नापाक और अक़्ल खोने वाली नहीं होगी:

  • नशा व बेहूदगी से पाक: दुनिया की शराब इंसान की अक़्ल ख़राब करती है और उससे बेहूदा बातें और गुनाह सरज़द होते हैं। लेकिन जन्नत की शराब निहायत पाकीज़ा होगी, जिसे पीकर न सर चकराएगा, न अक़्ल में फ़तूर आएगा और न ही कोई ग़लत बात मुँह से निकलेगी।
  • नफ़्स-ए-अम्मारा का ख़ात्मा: जन्नत में इंसान का नफ़्स-ए-अम्मारा ख़त्म कर दिया जाएगा, इसलिए वहाँ किसी गुनाह या बुराई का कोई ख़्याल तक दिल में नहीं आएगा।
  • आपसी मोहब्बत का इज़हार: जन्नती आपस में प्यार और मोहब्बत से एक दूसरे के हाथ से जाम लेकर पिएँगे।

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