कुरान - 52:25 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ

Transliteration: (Wa aqbala ba'duhum 'alaa ba'diny yatasaaa'aloon)

और वे आपस में एक दूसरे की तरफ़ रुख़ करके सवाल-जवाब करेंगे [30]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 25

"और वे आपस में एक दूसरे की तरफ़ रुख़ करके सवाल-जवाब करेंगे [30]!"


[30] अहले-जन्नत की पुरलुत्फ़ गुफ़्तगू और यादें

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत में अहले-ईमान आपस में मिलकर मजलिसें सजाएँगे:

  • दोस्ताना बातचीत: अहले-जन्नत एक दूसरे के सामने बैठकर दुनिया के हालात, अपनी पिछली ज़िंदगी की आज़माइशों और अल्लाह के एहसानात का तज़किरा करेंगे।
  • रूहानी सुरूर: यह सवाल-जवाब किसी तकलीफ़ या मुहासिबे के लिए नहीं, बल्कि आपस की मोहब्बत, दिलकश यादों और अल्लाह की नेअमतों की लज़्ज़त को दोबारा महसूस करने के लिए होंगे।

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