कुरान - 52:24 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
۞وَيَطُوفُ عَلَيۡهِمۡ غِلۡمَانٞ لَّهُمۡ كَأَنَّهُمۡ لُؤۡلُؤٞ مَّكۡنُونٞ

Transliteration: (Wa yatoofu 'alaihim ghilmaanul lahum ka annahum lu'lu'um maknoon)

और उनकी ख़िदमत के लिए ऐसे नौजवान ख़िदमतगार (गि़लमान) उनके चारों तरफ़ गर्दिश करेंगे [28] गोया वे हिफ़ाज़त से रखे हुए मोती हैं [29]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 24

"और उनकी ख़िदमत के लिए ऐसे नौजवान ख़िदमतगार (गि़लमान) उनके चारों तरफ़ गर्दिश करेंगे [28] गोया वे हिफ़ाज़त से रखे हुए मोती हैं [29]!"


[28] जन्नत के ख़िदमतगार लड़के (गि़लमान)

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'गि़लमान' से मुराद जन्नत के ख़ास ख़िदमतगार हैं:

  • ख़ास जन्नती मख़लूक़: ये नौजवान दुनियावी इंसान या बेटे नहीं हैं, बल्कि अल्लाह तआला ने इन्हें ख़ास तौर पर अहले-जन्नत की ख़िदमत और आराम के लिए पैदा फ़रमाया है, जैसे हूरों को पैदा फ़रमाया।
  • हज़ार-हज़ार ख़िदमतगार: हदीस शरीफ़ में आता है कि हर जन्नती को कम से कम एक हज़ार ख़िदमतगार अता किए जाएँगे जो हर वक़्त दस्त-बस्ता ख़िदमत के लिए तैयार रहेंगे।

[29] छुपा कर रखे हुए मोतियों जैसी हुस्न व पाकीज़गी

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'का-अन्नहुम लुअलुउम मक़्नून' से मुराद उनकी पाकीज़गी और चमक है:

  • सीप में बंद मोती: जिस तरह सीप के अंदर छुपा हुआ मोती गर्द-ओ-ग़ुबार और धूप से महफ़ूज़ रहकर निहायत साफ़, शफ़्फ़ाफ़ और चमकदार होता है, उसी तरह ये ख़िदमतगार लड़के निहायत हसीन, साफ़-सुथरे और ख़ूबसूरत होंगे।

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