Transliteration: (Am yaqooloona shaa'irun natarabbasu bihee raibal manoon)
"या वे कहते हैं: 'यह कोई शायर हैं [36], जिनके लिए हम ज़माने के गर्दिश व हवादिस का इंतिज़ार कर रहे हैं [37]!'"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि काफ़िरों का हुज़ूर ﷺ को शायर कहना सरासर बोहतान था:
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि काफ़िर कहते थे कि जैसे पुराने शायर मर गए और उनका नाम मिट गया, वैसे ही मुआज़ल्लाह हुज़ूर ﷺ का नाम भी ख़त्म हो जाएगा:
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