Transliteration: (Am taamuruhum ahlaamuhum bihaazaaa am hum qawmun taaghoon)
"क्या उनकी अक़्लें उन्हें इस बात का हुक्म देती हैं, या वे सरकश व हठधर्म लोग हैं [39]?"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि इस आयत में हुज़ूर ﷺ को तसल्ली दी जा रही है:
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