कुरान - 52:41 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
أَمۡ عِندَهُمُ ٱلۡغَيۡبُ فَهُمۡ يَكۡتُبُونَ

Transliteration: (Am 'indahumul ghaibu fahum yaktuboon)

या उनके पास ग़ैब (का इल्म) है जिससे वे लिख रहे हैं [48]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 41

"या उनके पास ग़ैब (का इल्म) है जिससे वे लिख रहे हैं [48]?"


[48] मुनकिरीन के झूठे दावों का रद्द

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि काफ़िर आख़िरत और क़यामत का इंकार करते थे:

  • लौह-ए-महफ़ूज़ का झूठा दावा: क्या काफ़िरों के पास लौह-ए-महफ़ूज़ या ग़ैब का कोई ऐसा इल्म आ गया है जिसके आधार पर वे लिख रहे हैं कि क़यामत नहीं आएगी या उन्हें कोई अज़ाब नहीं होगा?
  • सिर्फ़ वह्य-ए-इलाही सच है: हक़ीक़त यह है कि वे बिल्कुल बे-इल्म हैं, जबकि हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ को अल्लाह तआला ने वह्य और ग़ैब के उलूम अता फ़रमाए हैं और आपकी बताई हुई हर बात बरहक़ है।

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