कुरान - 52:42 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
أَمۡ يُرِيدُونَ كَيۡدٗاۖ فَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ هُمُ ٱلۡمَكِيدُونَ

Transliteration: (Am yureedoona kaidan fallazeena kafaroo humul makeedoon)

या वे कोई फ़रेब (फ़रेबी चाल) चलना चाहते हैं [49]? तो काफ़िर ख़ुद ही अपने फ़रेब में फँसने वाले हैं [50]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 42

"या वे कोई फ़रेब (फ़रेबी चाल) चलना चाहते हैं [49]? तो काफ़िर ख़ुद ही अपने फ़रेब में फँसने वाले हैं [50]!"


[49] मुशरिकीन की फ़रेबी साज़िशें और दारुन-नदवा की मजलिस

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि काफ़िरों ने इस्लाम और हुज़ूर ﷺ के ख़िलाफ़ गुप्त साज़िशें तैयार की थीं:

  • दारुन-नदवा की साज़िश: मुशरिकीन ने दारुन-नदवा में बैठकर हुज़ूर ﷺ को क़ैद करने, शहर-बदर करने या (मुआज़ल्लाह) शहीद करने की नापाक योजना बनाई थी।

[50] अल्लाह की हिफ़ाज़त और साज़िशों का नाक़ाम होना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने अपने महबूब ﷺ की हिफ़ाज़त फ़रमाई और काफ़िरों की चालें उन्हीं पर उलट दीं:

  • साज़िशियों की हलाकत: अल्लाह तआला ने हिजरत की रात हुज़ूर ﷺ को सलामती के साथ निकाला और वे तमाम साज़िशी बदर के मैदान में कुत्ते की मौत मारे गए।
  • रसूलुल्लाह ﷺ का रक्षक अल्लाह है: जो अल्लाह के हबीब ﷺ के ख़िलाफ़ साज़िश करेगा, वह ख़ुद तबाह व बर्बाद हो जाएगा।

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