कुरान - 52:6 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
وَٱلۡبَحۡرِ ٱلۡمَسۡجُورِ

Transliteration: (Wal bahril masjoor)

और भड़काए हुए समंदर [5] की! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 6

"और भड़काए हुए समंदर [5] की!"


[5] आग से भड़काया हुआ समंदर

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'अल-बह्रिल मसूजर' से मुराद वह समंदर है जिसमें आग भड़का दी गई हो:

  • क़यामत के दिन समंदरों की आग: इससे मुराद दुनिया के यही समंदर हैं जो क़यामत के दिन दहकती हुई आग में तब्दील हो जाएँगे, जैसा कि फ़रमाया: "और जब समंदर भड़काए जाएँगे" (सूरह तकवीर)।
  • जहन्नम का ईंधन: हदीस शरीफ़ में आता है कि क़यामत के दिन समंदरों का पानी आग बनकर जहन्नम की लपटों को और ज़्यादा तेज़ कर देगा।
  • क़ुदरत-ए-इलाही का कमाल: जो ज़ात पानी जैसी ठंडी और बुझाने वाली चीज़ को धधकती आग में बदल देने पर क़ादिर है, वही रब्बुल आलमीन इंसान को मरने के बाद दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।

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