कुरान - 52:9 सूरह अत-तूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
يَوۡمَ تَمُورُ ٱلسَّمَآءُ مَوۡرٗا

Transliteration: (Yawma tamoorus samaaa'u mawraa)

जिस दिन आसमान बुरी तरह थरथराएगा [8]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तूर आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अत-तूर तफ़सीर - आयत 9

"जिस दिन आसमान बुरी तरह थरथराएगा [8]!"


[8] आसमान का लरज़ना और थरथराना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'यौमा तमूरुस समाउ मौरा' से मुराद क़यामत के दिन आसमान का शदीद लरज़ना है:

  • चक्की की तरह घूमना: उस दिन आसमान इस तरह ज़ोर-ज़ोर से हिलेगा और चक्की की तरह चक्कर काटेगा जैसे कोई चीज़ तूफ़ान में घूमे, और फिर आखिरकार फटकर टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा।
  • आसमान का ठहराव: इस आयत से यह हिकमत मालूम होती है कि मौजूदा निज़ाम-ए-कायनात में आसमान साकिन और अपनी जगह क़ायम है, और चाँद-सूरज व सितारे उसमें गर्दिश करते हैं। क़यामत के दिन आसमान की यह साकिन हालत ख़त्म होकर उसमें भयानक थरथराहट पैदा होगी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now