कुरान - 43:12 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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Transliteration: (Wallazee khalaqal azwaaja kullahaa wa ja'ala lakum minal fulki wal-an'aami maa tarkaboon)

और जिसने तमाम क़िस्मों के जोड़े पैदा किए [16], और तुम्हारे लिए कश्तियां और चौपाए मवेशी बनाए जिन पर तुम सवार होते हो [17]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 12

"और जिसने तमाम क़िस्मों के जोड़े पैदा किए [16], और तुम्हारे लिए कश्तियां और चौपाए मवेशी बनाए जिन पर तुम सवार होते हो [17];"

[16] कायनात में जोड़ों की तख़्लीक़

अल्लाह तआला ने मख़्लूक़ात में हर चीज़ के जोड़े पैदा फ़रमाए—नर और मादा, नबातात और जमादात में मुतज़ाद कैफ़ियात, रोशनी और अंधेरा, मीठा और नमकीन। हर मख़्लूक़ अपनी तक्मील के लिए दूसरे की मुहताज़ है, और सिर्फ़ एक अल्लाह की ज़ात ही वाहिद, समद और बे-जोड़ है।

[17] सवारियों की इलाही नेमत

इंसानों के सफ़र और हमल व नक़्ल के लिए अल्लाह ने पानी पर कश्तियां व जहाज़ बनाए, और ख़ुश्की पर ऊंट, घोड़े और चौपाए जानवर मुसख़्ख़र फ़रमा दिए ताकि इंसान आसानी से अपनी मंज़िलों तक पहुंच सके।

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