कुरान - 43:14 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
وَإِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

Transliteration: (Wa innaaa ilaa Rabbinaa lamunqaliboon)

और बेशक हम अपने रब ही की तरफ़ लौटने वाले हैं [22]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 14

"और बेशक हम अपने रब ही की तरफ़ लौटने वाले हैं [22]।'"

[22] सफ़र-ए-दुनिया से सफ़र-ए-आख़िरत की याद

दुआ-ए-सफ़र का यह आख़िरी हिस्सा इंसान को याद दिलाता है कि दुनियावी सफ़र आरज़ी है, और हर इंसान का अस्ल सफ़र आख़िरत की तरफ़ है जहां उसे अपने आमाल का हिसाब देने के लिए अपने रब के हुज़ूर हाज़िर होना है।

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