Transliteration: (Amit takhaza mimmaa yakhluqu banaatinw wa asfaakum bilbaneen)
"क्या उसने अपनी मख़्लूक़ में से अपने लिए बेटियां चुन लीं और तुम्हें बेटों के साथ नवाज़ दिया [25]?"
अरब के मुशरिक बेटियों को अपने लिए ज़िल्लत और शर्म का बाइस समझते थे और उन्हें ज़िंदा दफ़्न कर देते थे, लेकिन इसके बावजूद वे फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियां कहते थे। क़ुरआन ने उनकी इस बे-अक़्ली और दोहरे मेआ़र का पर्दाफ़ाश किया कि जिस चीज़ को तुम अपने लिए घटिया समझते हो, उसे अल्लाह की तरफ़ मंसूब करते हो!
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