Transliteration: (Illal lazee fataranee fa innahoo sa yahdeen)
"सिवाए उस ज़ात के जिसने मुझे पैदा फ़रमाया, पस बेशक वही मुझे हिदायत फ़रमाता रहेगा [43]।'"
हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने वाज़ेह फ़रमाया कि सिर्फ़ अल्लाह तआला, जिसने उन्हें पैदा फ़रमाया, इबादत के लाएक़ है और वही मुसलसल उनकी रहनुमाई फ़रमा रहा है। तफ़सीर रूहुल बयान के मुताबिक़, हिदायत के लफ़्ज़ में हर्फ़ 'सीन' ताकीद और हाल व मुस्तक़बिल के तसल्सुल को ज़ाहिर करता है, यानी अल्लाह हमेशा उनकी रहनुमाई फ़रमाता रहता है।
यह साबित करता है कि अंबिया-ए-किराम एक लम्हे के लिए भी हिदायत से महरूम नहीं होते। चूंकि उन्होंने खुले तौर पर झूठे माबूदों का इन्कार किया और सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ालिस इताअत का इक़रार किया, इसलिए उनके हिदायत पर होने में कोई भी शक सरासर बे-बुनियाद है।
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