कुरान - 43:50 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابَ إِذَا هُمۡ يَنكُثُونَ

Transliteration: (Falammaa kashafnaa 'anhumul 'azaaba izaa hum yankusoon)

फिर जब हमने उनसे अज़ाब हटा दिया [89], तो अचानक वे (अपना वादा) तोड़ने लगे [90]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 50

"फिर जब हमने उनसे अज़ाब हटा दिया [89], तो अचानक वे (अपना वादा) तोड़ने लगे [90]!"

[89] नबी की दुआ से अज़ाब का टलना

हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की दुआ से अल्लाह तआला ने उन पर से अज़ाब हटा दिया। इससे साबित हुआ कि अल्लाह के नेक बंदों की दुआ से मुश्किलात दूर होती हैं।

[90] वादे की ख़िलाफ़-वर्ज़ी और मुनाफ़क़त

जैसे ही अज़ाब टला, वे अपने ईमान लाने के वादे से फिर गए। यह फ़िरऔनियों की बदतरीन मुनाफ़क़त और हठधर्मी थी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now