Transliteration: (Falaw laa ulqiya 'alaihi aswiratun min zahabin aw jaaa'a ma'ahul malaaa'ikatu muqtarineen)
"तो उस पर सोने के कंगन क्यों नहीं उतारे गए [95], या उसके साथ फ़रिश्ते क़तार बांध कर क्यों नहीं आए [96]?"
मिस्र के दस्तूर के मुताबिक़ जब किसी को बड़ा ओहदा या वज़ारत दी जाती थी तो उसे सोने के कंगन पहनाए जाते थे। फ़िरऔन ने कहा कि अगर मूसा सच्चे रसूल हैं तो उनके पास सोने के कंगन क्यों नहीं हैं? यह उसकी माद्दा-परस्ताना और घटिया सोच थी।
उसने यह भी कहा कि अगर वे सच्चे हैं तो फ़रिश्ते उनके साथ लश्कर की शक्ल में क्यों नहीं आए जो उनकी गवाही देते? उसने नबुव्वत की सच्चाई को दुनियावी तमाशे का नाम दे दिया।
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