Transliteration: (Faja'alnaahum salafanw wa masalan lil aakhireen (section 5))
"पस हमने उन्हें गुज़रे हुए लोगों की मिसाल और बाद में आने वालों के लिए इबरत बना दिया [99]!"
फ़िरऔन और उसकी क़ौम का अंजाम क़यामत तक आने वाले तमाम सरकशों और ज़ालिमों के लिए इबरत का निशान बन गया। हर दौर के ज़ालिम को फ़िरऔन से तश्बीह दी जाती है। इससे मालूम हुआ कि बुराई के नतीजे में बदनामी होना भी इलाही अज़ाब की एक शक्ल है, जबकि नेकी और भलाई के साथ याद किया जाना अल्लाह की अज़ीम रहमत है।
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