कुरान - 43:57 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
۞وَلَمَّا ضُرِبَ ٱبۡنُ مَرۡيَمَ مَثَلًا إِذَا قَوۡمُكَ مِنۡهُ يَصِدُّونَ

Transliteration: (Wa lammaa duribab nu Maryama masalan izaa qawmuka minhu yasiddoon)

और जब इब्ने मरयम (ईसा) की मिसाल बयान की गई, तो अचानक आपकी क़ौम उस पर शोर मचाने लगी (हंसने लगी) [100]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 57

"और जब इब्ने मरयम (ईसा) की मिसाल बयान की गई, तो अचानक आपकी क़ौम उस पर शोर मचाने लगी (हंसने लगी) [100];"

[100] हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम के ज़िक्र पर काफ़िरों का शोर

जब क़ुरआन की आयत नाज़िल हुई कि तुम और तुम्हारे माबूद सब जहन्नुम का ईंधन हैं, तो इब्ने ज़बाअरी काफ़िर ने ऐतिराज़ किया कि ईसाई हज़रत ईसा और मरयम की पूजा करते हैं, और यहूद हज़रत उज़ैर की पूजा करते हैं, तो क्या वे भी (मआज़ल्लाह) जहन्नुम में जाएंगे? इस पर मुशरिक ख़ुशी से हंसने और शोर मचाने लगे।

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