कुरान - 43:64 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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Transliteration: (Innal laaha Huwa Rabbee wa Rabbukum fa'budooh; haaza Siraatum Mustaqeem)

बेशक अल्लाह ही मेरा रब और तुम्हारा रब है, तो उसी की इबादत करो [113]; यही सीधा रास्ता है [114]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 64 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 64

"बेशक अल्लाह ही मेरा रब और तुम्हारा रब है, तो उसी की इबादत करो [113]; यही सीधा रास्ता है [114]।'"

[113] हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की तौहीद की दावत

हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम ने साफ़ लफ़्ज़ों में ऐलान फ़रमाया कि अल्लाह ही उनका भी रब है और तमाम इंसानों का भी रब है, और इबादत का हक़दार सिर्फ़ वही वाहिद ख़ुदा है। इस आयत ने ईसाईयों के झूठे अक़ीदे (कि ईसा ख़ुदा या ख़ुदा के बेटे हैं) की जड़ काट दी।

[114] तौहीद ही सिरात-ए-मुस्तक़ीम है

सिर्फ़ एक अल्लाह की इबादत करना और उसके अहकाम की पाबंदी करना ही वह सीधा रास्ता है जो इंसान को नजात और जन्नत की मंज़िल तक पहुंचाता है।

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