कुरान - 43:62 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
????? ?????????????? ????????????? ???????? ?????? ??????? ????????

Transliteration: (Wa laa yasuddan nakumush Shaitaanu innahoo lakum 'aduwwun mubeen)

और शैतान तुम्हें हरगिज़ (राह से) न रोकने पाए [109]; बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 62

"और शैतान तुम्हें हरगिज़ (राह से) न रोकने पाए [109]; बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।"

[109] शैतानी वसवसों से हिफ़ाज़त

शैतान हर लम्हा इंसान को बहकाने, हक़ से फेरने और शक व शुबहात में डालने की कोशिश करता है। ईमान वालों को ख़बरदार किया जा रहा है कि शैतान के धोखे में न आएं, क्योंकि वह इंसान का क़दीम और खुला दुश्मन है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now