Transliteration: (Wa laa yasuddan nakumush Shaitaanu innahoo lakum 'aduwwun mubeen)
"और शैतान तुम्हें हरगिज़ (राह से) न रोकने पाए [109]; बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।"
शैतान हर लम्हा इंसान को बहकाने, हक़ से फेरने और शक व शुबहात में डालने की कोशिश करता है। ईमान वालों को ख़बरदार किया जा रहा है कि शैतान के धोखे में न आएं, क्योंकि वह इंसान का क़दीम और खुला दुश्मन है।
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