कुरान - 39:25 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ فَأَتَىٰهُمُ ٱلۡعَذَابُ مِنۡ حَيۡثُ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Kazzabal lazeena min qablihim fa ataahumul 'azaabu min haisu laa yash'uroon)

उनसे पहले के लोगों ने भी झुटलाया था, तो उन पर ऐसी जगह से अज़ाब आ पहुँचा जिसका उन्हें गुमान भी न था [71]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 25

"उनसे पहले के लोगों ने भी झुटलाया था, तो उन पर ऐसी जगह से अज़ाब आ पहुँचा जिसका उन्हें गुमान भी न था [71]!"

[71] अचानक अज़ाब की पकड़

पिछली सरकश क़ौमों ने जब अंबिया को झुटलाया, तो उन पर अचानक और बे-ख़बरी में ऐसा अज़ाब टूटा जिसका उन्हें वहम व गुमान भी न था।

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