Transliteration: (Wa laqad darabnaa linnaasi fee haazal Qur-aani min kulli masalil la'allahum yatazakkaroon)
"और बेशक हमने लोगों के लिठइस क़à¥à¤°à¤†à¤¨ में हर क़िसà¥à¤® की मिसालें बयान फ़रमाईं ताकि वे नसीहत हासिल करें [74]।"
क़à¥à¤°à¤†à¤¨-à¤-करीम की यह शान है कि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने इंसानों की रहनà¥à¤®à¤¾à¤ˆ के लिठइसमें हर तरह की मिसालें, दलाइल, वाक़िआत, वा'दे और वईदें निहायत वाज़ेह अंदाज़ में बयान फ़रमाई हैं।
चूंकि इंसानों की तबीअतें और समà¤-बूठमà¥à¤–़à¥à¤¤à¤²à¤¿à¤«à¤¼ होती हैं—कोई अक़ली दलाइल से समà¤à¤¤à¤¾ है, कोई ख़ौफ़ व इबरत से राह पर आता है, और कोई बशारत व मà¥à¤¹à¤¬à¥à¤¬à¤¤ से मà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¥à¤¸à¤¿à¤° होता है—इस मà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤• किताब में हर दिल और ज़ेहन के लिठमà¥à¤•मà¥à¤®à¤² हिदायत रखी गई है ताकि लोग ग़फ़लत से बेदार हों और अपनी इसà¥à¤²à¤¾à¤¹ करें।
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