कुरान - 39:41 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
إِنَّآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ لِلنَّاسِ بِٱلۡحَقِّۖ فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَلِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۖ وَمَآ أَنتَ عَلَيۡهِم بِوَكِيلٍ

Transliteration: (Innaa anzalnaa 'alaikal Kitaaba linnaasi bilhaqq; famanih tadaa falinafsihee wa man dalla fa innamaa yadillu 'alaihaa wa maaa anta 'alaihim biwakeel (section 4))

बेशक हमने आप पर लोगों (की हिदायत) के लिए हक़ के साथ यह किताब नाज़िल फ़रमाई [101] [102]; तो जिसने हिदायत पाई उसने अपने ही भले के लिए, और जो गुमराह हुआ वह अपने ही नुक़सान के लिए भटका [103], और आप उन पर कोई निगहबान (ज़िम्मेदार) नहीं हैं [104] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 41

"बेशक हमने आप पर लोगों (की हिदायत) के लिए हक़ के साथ यह किताब नाज़िल फ़रमाई [101] [102]; तो जिसने हिदायत पाई उसने अपने ही भले के लिए, और जो गुमराह हुआ वह अपने ही नुक़सान के लिए भटका [103], और आप उन पर कोई निगहबान (ज़िम्मेदार) नहीं हैं [104] ।"

[101] लोगों की हिदायत के लिए नुज़ूल

क़ुरआन मजीद को तमाम इंसानों की हिदायत के लिए नाज़िल किया गया। हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तो नुज़ूल-ए-क़ुरआन से पहले ही हिदायत के मुजस्सम और सरापा नूर थे। यह किताब आपकी मारफ़त दुनिया को हिदायत देने के लिए अता हुई।

[102] हक़ के साथ तदरीजी नुज़ूल

यह किताब ब-हक़ नाज़िल हुई, यानी इसमें कोई बात बातिल नहीं। 'इनज़ाल' और 'तन्ज़ील'—लोह-ए-महफ़ूज़ से आसमान-ए-दुनिया पर एक बार नाज़िल होना, और फिर तेईस (23) साल के अरसे में हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम के ज़रिये बक़द्र-ए-ज़रूरत हुज़ूर ﷺ के क़ल्ब-ए-अतहर पर उतरना, दोनों हक़ हैं।

[103] हिदायत और गुमराही का नफ़ा-नुक़सान

जो ईमान लाएगा वह अपना ही भला करेगा और जन्नत पाएगा, और जो इनकार करेगा वह अपना ही नुक़सान करेगा और जहन्नम का हक़दार बनेगा। अल्लाह और उसके रसूल ﷺ किसी के ईमान के मोहताज नहीं हैं।

[104] रसूल ﷺ का फ़र्ज़ सिर्फ़ तब्लीग़ है

हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दावत व रिसालत का हक़ ब-दर्जा-ए-कमाल अदा फ़रमा दिया। आप किसी को जबरन मोमिन बनाने के ज़िम्मेदार नहीं हैं; हिसाब लेना अल्लाह का काम है।

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