Transliteration: (Amit takhazoo min doonillaahi shufa'aaa'; qul awalaw kaanoo laa yamlikoona shai'aw wa laa ya'qiloon)
"कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के सिवा कà¥à¤› सिफ़ारिशी बना रखे हैं [110]? आप फ़रमाइà¤: 'कà¥à¤¯à¤¾ तब à¤à¥€ जब वे न किसी चीज़ का इख़à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤° रखते हों और न कà¥à¤› समà¤à¤¤à¥‡ हों [111]?'"
मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•ों का यह गà¥à¤®à¤¾à¤¨ था कि उनके तराशे हà¥à¤ बà¥à¤¤ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के यहाठउनकी शफ़ाअत करेंगे। अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने उनकी इस बातिल शफ़ाअत की तरदीद फ़रमाई।
याद रहे कि जो अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की इजाज़त के बग़ैर ज़बरदसà¥à¤¤à¥€ शफ़ाअत का दावा करे (जैसे मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•ों के बà¥à¤¤), वह बातिल है। लेकिन जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने इज़à¥à¤¨-à¤-शफ़ाअत अता फ़रमाया—जैसे अंबिया-à¤-किराम, औलिया-à¤-इज़ाम और बिलख़à¥à¤¸à¥‚स हà¥à¤œà¤¼à¥‚र शाफ़ेअ-à¤-महशर सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤®â€”उनकी शफ़ाअत बिलà¥à¤•à¥à¤² हक़ और अक़ीदा-à¤-अहले सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ का हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
बà¥à¤¤ तो बेजान पतà¥à¤¥à¤° हैं, न उनके पास कोई क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ है और न ही कोई अक़à¥à¤² व समà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ बेजान पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ को अपना शफ़ीअ समà¤à¤¨à¤¾ कितनी खà¥à¤²à¥€ गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹à¥€ है!
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