Transliteration: (Awalam ya'lamooo annal laaha yabsutur rizqa limai yashaaa'u wa yaqdir; inna fee zaalika la Aayaatil liqawminy yu'minoon (section 5))
"कà¥à¤¯à¤¾ वे नहीं जानते [130] कि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ जिसके लिठचाहता है रिज़à¥à¤•़ वसीअ (कà¥à¤¶à¤¾à¤¦à¤¾) फ़रमा देता है और जिसके लिठचाहता है तंग फ़रमा देता है [131]? बेशक इसमें ईमान वालों के लिठबड़ी निशानियां हैं।"
यह बात हर इंसान मà¥à¤¶à¤¾à¤¹à¤¿à¤¦à¥‡ से जानता है कि रिज़à¥à¤•़ का दारोमदार सिरà¥à¤«à¤¼ ज़हानत या हà¥à¤¨à¤° पर नहीं है। बाज़ औक़ात आला दरà¥à¤œà¥‡ के अक़à¥à¤²à¤®à¤‚द और हà¥à¤¨à¤°à¤®à¤‚द तंगदसà¥à¤¤ रहते हैं और कम समठवाले दौलतमंद बन जाते हैं। यह इस बात का खà¥à¤²à¤¾ सबूत है कि रिज़à¥à¤•़ का इख़à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤° अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के दसà¥à¤¤à¥‡-क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ में है।
दौलत और तंगदसà¥à¤¤à¥€ की मिसाल बारिश की मानिंद है—कहीं बेतहाशा बरसती है और कहीं à¤à¤• क़तरा à¤à¥€ नहीं गिरता। अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला अपनी हिकमत के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•़ बंदों को आज़माता है। ईमान वाले इस निज़ाम में अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ की निशानियां देखते हैं और हर हाल में साबिर व शाकिर रहते हैं।
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