Transliteration: (Wa nufikha fis Soori fasa'iqa man fis samaawaati wa man fil ardi illaa man shaa'al lahu summa nufikha feehi ukhraa fa izaa hum qiyaamuny yanzuroon)
"और सूर फूंका जाà¤à¤—ा [162], तो जितने आसमानों में हैं और जितने ज़मीन में हैं सब बेहोश (फ़ना) हो जाà¤à¤‚गे सिवाठउनके जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ चाहे [163]; फिर वह दोबारा फूंका जाà¤à¤—ा [164], तो वे फ़ौरन खड़े होकर देखने लगेंगे [165] ।"
हज़रत इसà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼à¥€à¤² अलैहिसà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤® जब पहली बार सूर फूà¤à¤•ेंगे, तो उसकी ख़ौफ़नाक आवाज़ से कायनात का तमाम निज़ाम दरहम-बरहम हो जाà¤à¤—ा और आसमान व ज़मीन की तमाम मख़लूक़ात फ़ना व बेहोश हो जाà¤à¤—ी।
'जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ चाहे' से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤¬ मलाइका (हज़रत जिबà¥à¤°à¥€à¤², मीकाईल, इसà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼à¥€à¤², इज़à¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤² अलैहिमà¥à¤¸à¥à¤¸à¤²à¤¾à¤®), अरà¥à¤¶ को उठाने वाले फ़रिशà¥à¤¤à¥‡, जनà¥à¤¨à¤¤ के ख़ाज़िन रिज़वान और जनà¥à¤¨à¤¤ की हूरें हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस सदमे से महफ़ूज़ रखा जाà¤à¤—ा। बाद में उनका विसाल à¤à¥€ हà¥à¤•à¥à¤®-à¤-इलाही से होगा।
चालीस (40) साल के अरसे के बाद जब दोबारा सूर फूà¤à¤•ा जाà¤à¤—ा, तो तमाम रूहें अपने-अपने जिसà¥à¤®à¥‹à¤‚ में लौट आà¤à¤‚गी और सब ज़िंदा होकर अपनी क़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ से उठखड़े होंगे।
लोग क़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ से उठकर हैरत व वहशत के आलम में मैदान-à¤-महशर की तरफ़ चलेंगे। मोमिनीन-à¤-सालेहीन के लिठक़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ से निकलते ही जनà¥à¤¨à¤¤à¥€ सवारियाठऔर लिबास हाज़िर होंगे। सबसे पहले क़बà¥à¤°-à¤-अतहर से हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® का ज़हूर होगा।
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