Transliteration: (Wa wuffiyat kullu nafsim maa 'amilat wa Huwa a'lamu bimaa yaf'aloon (section 7))
"और हर जान को उसके किठका पूरा-पूरा बदला दिया जाà¤à¤—ा [170], और वह ख़ूब जानता है जो कà¥à¤› वे करते हैं [171] ।"
हर इंसान को उसके आमाल का मà¥à¤•मà¥à¤®à¤² जज़ा या सज़ा दी जाà¤à¤—ी। नेकी का बदला दस गà¥à¤¨à¤¾ से लेकर सात सौ गà¥à¤¨à¤¾ और उससे à¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अता होगा, जबकि गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ की सज़ा उसके बराबर ही होगी।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला अपने बंदों के हर ज़ाहिरी और बातिनी अमल, नीयत और ख़à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾à¤¤ से मà¥à¤•मà¥à¤®à¤² तौर पर बाख़बर है। उसे गवाहों या दफ़à¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ की हाजत नहीं, बलà¥à¤•ि यह सब बंदों पर हà¥à¤œà¥à¤œà¤¤ पूरी करने के लिठहै।
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