कुरान - 35:26 सूरह फातिर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
ثُمَّ أَخَذۡتُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْۖ فَكَيۡفَ كَانَ نَكِيرِ

Transliteration: (Summa akhaztul lazeena kafaroo fakaifa kaana nakeer (section 3))

फिर मैंने काफ़िरों को पकड़ लिया, तो (देखो) मेरा अज़ाब कैसा हुआ [76]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फातिर आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ातिर तफ़सीर - आयत 26

"फिर मैंने काफ़िरों को पकड़ लिया, तो मेरा अज़ाब कैसा हुआ [76]!"

[76] तकज़ीब का अंजाम — ग़ज़बे इलाही की पकड़

जब मुतकब्बिर काफ़िरों ने रसूलों को झुठलाने में हद कर दी, तो अल्लाह का अज़ाब उन पर टूट पड़ा — किसी पर चीख़, किसी पर तूफ़ान, किसी पर पत्थरों की बारिश और किसी को ज़मीन में धंसा दिया गया। यह तंबीह है कि अल्लाह के रसूलों की तकज़ीब का अंजाम हमेशा हलाकत और बरबादी है।

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