कुरान - 35:33 सूरह फातिर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
جَنَّـٰتُ عَدۡنٖ يَدۡخُلُونَهَا يُحَلَّوۡنَ فِيهَا مِنۡ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٖ وَلُؤۡلُؤٗاۖ وَلِبَاسُهُمۡ فِيهَا حَرِيرٞ

Transliteration: (Jannaatu ‘adniny yad khuloonahaa yuhallawna feeha min asaawira min zahabinw wa lu’lu’anw wa libaa suhum feehaa hareer)

हमेशा रहने के बाग़ात (जन्नाते अद्न) हैं जिनमें वे दाख़िल होंगे [94]; उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती पहनाए जाएंगे, और वहाँ उनका लिबास रेशम होगा [95]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फातिर आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ातिर तफ़सीर - आयत 33

"हमेशा रहने के बाग़ात हैं जिनमें वे दाख़िल होंगे [94]; उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती पहनाए जाएंगे, और वहाँ उनका लिबास रेशम होगा [95]!"

[94] अहले ईमान की दायमी निजात — जहन्नुम में दायमी अज़ाब सिर्फ़ काफ़िरों के लिए

पिछली आयत में ज़िक्र किए गए तीनों गिरोह (गुनहगार मोमिन, मियाना-रौ और नेकियों में सबक़त ले जाने वाले) बिलाख़िर जन्नाते अद्न में दाख़िल होंगे। कोई फ़ौरन दाख़िल होगा और कोई अपने गुनाहों की सज़ा भुगतने या शफ़ाअत के बाद। इससे साबित हुआ कि हर साहेबे ईमान का अंजाम जन्नत है; हमेशा का जहन्नुम सिर्फ़ काफ़िरों और मुशरिकों के लिए मख़्सूस है।

[95] जन्नत के आला दर्जात, सोने और रेशम की ज़ीनत

जन्नत में हर एक के मर्तबे के मुताबिक़ इनामात होंगे। दुनिया में मर्दों के लिए सोना और ख़ालिस रेशम पहनना हराम है, लेकिन जन्नत में मर्दों को भी सोने व मोतियों के कंगन और बेहतरीन रेशमी लिबास पहनाए जाएंगे। अल्लाह के हुक्म से यह नेमतें जन्नत में हलाल और मुअय्यन हैं।

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