कुरान - 35:38 सूरह फातिर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
إِنَّ ٱللَّهَ عَٰلِمُ غَيۡبِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ إِنَّهُۥ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ

Transliteration: (Innal laaha ‘aalimu ghaibis samaawaati wal ard; innahoo ‘aleemum bizaatis sudoor)

बेशक अल्लाह आसमानों और ज़मीन के हर पोशीदा राज़ को जानने वाला है; बेशक वह सीनों के भेदों को ख़ूब जानने वाला है [110]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फातिर आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ातिर तफ़सीर - आयत 38

"बेशक अल्लाह आसमानों और ज़मीन के हर पोशीदा राज़ को जानने वाला है; बेशक वह सीनों के भेदों को ख़ूब जानने वाला है [110]!"

[110] अल्लाह का मुकम्मल और कामिल इल्म

अल्लाह तआला आसमानों और ज़मीन की हर छुपी हुई चीज़ और इंसानी सीनों के अंदर छुपी हुई नीयतों, इरादों और अक़ीदों से पूरी तरह बा-ख़बर है। अगर काफ़िरों को दोबारा दुनिया में भी भेज दिया जाए तो वे फिर वही कुफ़्र करेंगे (सूरह अनआम), क्योंकि अल्लाह उनके बातिन की सरकशी को पहले से जानता है।

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